Wednesday , 17 July 2019
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Tag Archives: Shershah Suri

शेरशाह सूरी की सफलता के कारण

शेरशाह सूरी की सफलता के कारण

इतिहास साक्षी है कि शेरशाह का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ । उसने अपनी योग्यता , लगन , उत्साह , बुद्धि और बाहुबल से ही अफगान राज्य स्थापित कर लिया था । उसने उस समय अफगान राज्य की स्थापना की जिस समय अफगानों की शक्ति का विनाश और मुगल शक्ति पांव जमा चुकी थी । शेरशाह ने मुगल राज्य …

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कालिंजर की विजय

कालिंजर विजय

यकालिंजर की विजय , 1545 ई० ( Conquest of Kalinjar ) अभी तक कालिंजर शेरशाह के अधीन नहीं था । शेरशाह चाहता था कि कालिंजर भी उसके अधीन हो जाए ; इसलिए 1545 ई० में कालिंजर के किले को घेर लिया । यह घेरा छः मास तक जारी रहा , परन्तु राजपूतों ने पराजय न मानी । अन्त में शेरशाह ने मिट्टी …

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मुलतान तथा सिंध विजय

मुलतान तथा सिंध विजय , 1543 – 44 ई० ( Conquest of Multan and Sind ) शेरशाह ने हैवत खां ( Haibat Khan ) को पंजाब का गवर्नर नियुक्त किया था जिसने मुलतान तथा सिन्ध को जीतकर शेरशाह के सुपुर्द कर दिया ।

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शेरशाह सूरी की मारवाड़ पर विजय

मारवाड़ पर विजय

मारवाड़ की विजय , 1543 – 44 ई० ( Conquest of Marwar ) मारवाड़ के राजपूत राजा मालदेव ( Maldev ) ने 1541 ई० में पराजित हुमायू को पुनः भारत विजय के लिए आमंत्रित किया था । शेरशाह ने मालदेव को हुमायू की सहायता करने से रोक दिया था । मालदेव ने फिर दोनों के भय से कोई ऐसा पग …

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शेरशाह की विजये

शेरशाह की अन्य विजयें ( Other Conquests of Sher Shah ) मुगलों को परास्त करने के पश्चात् शेरशाह ने अन्य प्रदेशों को जीतने की ओर ध्यान दिया :— पंजाब को विजय , 1541 ई० ( Conquest of Punjab , 1541 ) हुमायू पराजित होकर अपने भाई कामरान की ओर जिसके पास पंजाब का राज्य था , बढ़ा ; इसलिए शेरशाह …

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शेरशाह सूरी भारत का सम्राट कैसे बना

शेरशाह सूरी भारत का सम्राट बनना ( Emperor of India ) शेर खां ने बिहार तथा बंगाल पर अपना अधिकार कर लिया था । बंगाल का शासक एक बार तो हार गया था , परन्तु उसने पुनः 1534 ई० में शेर खां के विरुद्ध युद्ध कर दिया था । शेरखां ने उसे तेलियागढ़ी और सीकरीगढ़ी नामक स्थानों पर बुरी तरह …

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शेरशाह सूरी का शक्ति प्राप्त करना

शक्ति प्राप्त करना ( Rise to Power ) बहार खां ने शेर खां को पुनः अपने पास रख लिया । शीघ्र ही बहार खां की मृत्यु हो गई और उसकी विधवा ने शेर खां को अपने पुत्र जलाल खां का संरक्षक नियुक्त कर दिया । इसके पश्चात् जलाल खां की माता भी चल बसी और सारी शक्ति शेर खां के …

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