Friday , 24 May 2019
Breaking News

उत्तोलक (Lever)

उत्तोलक (Lever)

एक सीधी अथवा मुड़ी हुई दृढ़ छड़ होती है , जो किसी स्थिर बिन्दु के परितः स्वतन्त्रतापूर्वक घूम सकती है । यह एक सरल मशीन है , जिसका हम दैनिक जीवन में प्रायः उपयोग करते हैं । इसकी सहायता से किसी भारी बोझ को कम बल लगाकर ही उठाया जा सकता है । यह बल आघूर्ण के सिद्धान्त पर कार्य करता है ।

इसके तीन मुख्य बिन्दु होते हैं :-

  1. आलम्ब ( Fulcrum ) जिस बिन्दु के चारों ओर उत्तोलक स्वतन्त्रतापूर्वक घूम सकता है , वह बिन्दु आलम्ब कहलाता है ।
  2. अयास ( Effort ) उत्तोलक द्वारा भारी बोझ को उठाने के लिए आरोपित बल , आयास कहलाता है । आलम्ब से आयास की क्रिया रेखा को लम्बवत् दूरी को आयास भुजा ( Effort Arm ) कहते हैं ।
  3. भार ( Load ) उत्तोलक द्वारा जो भारी बोझ उठाया जाता है , भार कहलाता है । आलम्ब से भार को क्रिया – रेखा की दूरी को भार भुजा ( Load Arm ) कहते हैं ।

उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं

प्रथम वर्ग के उत्तोलक ( First Class Lever )
इस वर्ग के उत्तोलकों में आलम्ब F , भार W तथा आयास P के बीच में होता है । अतः कम आयास से अधिक भार उठाने के लिए , आयास भुजा ( a ) , भार भुजा ( b ) से बड़ी होनी चाहिए ।

first class lever

द्वितीय वर्ग के उत्तोलक ( Second Class Lever )
इस वर्ग के उत्तोलकों में भार W , आलम्ब F तथा आयास P के बीच में होता है । इस प्रकार के उत्तोलक के लिए a > b होने के कारण इनका यान्त्रिक लाभ सदैव 1 अधिक होता है । इस वर्ग के उत्तोलक की सहायता से कम आयास ( P ) से , अधिक भार ( W ) उठाया जा सकता है । नींबू निचोड़ने की मशीन , सरौता , कूड़ा ढोने की एक पहिए की गाड़ी , नाव खेते समय नौकादण्ड आदि इस वर्ग के उत्तोलक हैं ।

second class lever

तृतीय वर्ग के उत्तोलक ( Third Class Lever )
इस वर्ग के उत्तोलकों में आयास P , आलम्ब F तथा भार W के बीच में होता है , इस प्रकार के उत्तोलक के लिए , a < b होने के कारण इनका यान्त्रिक लाभ सदैव 1 से कम होता है । किसान का हल , चिमटा , सीढ़ी आदि इस वर्ग के उत्तोलक हैं ।

third class lever

Check Also

जल के गुण

जल एक रसायनिक पदार्थ है जिसका रसायनिक सूत्र H2O है: जल के एक अणु में दो हाइड्रोजन के परमाणु सहसंयोजक बंध के द्वारा एक ऑक्सीजन के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *