Tuesday , 16 July 2019

सरल आवर्त गति

सरल आवर्त गति

आवर्त गति ( Periodic Motion )
किसी निश्चित समयान्तराल ( Time intervaly में कोई पिण्ड यदि अपनी गति को बार – बार दोहराता है तो ऐसी गति को आवर्त गति कहते है ।

दोलन गति ( Oscillatory Motion )
जब कोई पिण्ड एक पथ पर किसी निश्चित बिन्दु के इधर – उधर गति करता है , तो पिण्ड की गति को दोलनी गति ( Oscillatory Motion ) कहते हैं ।

केप्लर के ग्रहीय गति के नियम

सरल आवर्त गति ( Simple Harmonic Motion )
यदि कोई वस्तु एक सरल रेखा पर मध्यमान स्थिति ( Mean Position ) के इधर – उधर इस प्रकार की गति करे कि वस्तु का त्वरण मध्यमान स्थिति से वस्तु के विस्थापन के अनुक्रमानुपाती हो तथा त्वरण की दिशा मध्यमान स्थिति की ओर हो , तो उसकी गति सरल आवर्त गति कहलाती है ।

सरल लोलक
एक दृढ़ आधार से लटके पूर्णतः लचीले अवर्द्धनीय भारहीन धागे से लटके हुए सूक्ष्म भारी पिण्ड को सरल लोलक ( Simple Pendulum ) कहते हैं ।

सरल लोलक

आवर्त गति से सम्बंधित पद
आयाम ( Amplitude )
सरल लोलक का अपनी माध्य स्थिति के एक ओर अधिकतम । विस्थापन आयाम कहलाता है । लोलक का आवर्तकाल आयाम पर निर्भर नहीं करता ।

आवर्तकाल ( Time Period )
एक दोलन पूरा करने के समय को आवर्तकाल कहते हैं ।

आवृत्ति ( Frequency )
माध्यम का कम्पन करता हुआ कोई कण एक सेकण्ड में जितने कम्पन करता है उसे आवृत्ति कहते हैं । इसे v या n से प्रदर्शित करते हैं ।
आवृत्ति (n) = 1/T यहाँ T = आवर्त काल

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