Monday , 22 July 2019
Home / सामान्य ज्ञान / विज्ञान / भौतिक विज्ञान / न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम

गुरुत्वाकर्षण

पृथ्वी पर सभी पिण्ड एक – दूसरे को अपनी ओर आकर्षित करते हैं । पिण्डों के बीच लगने वाले इस बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं तथा इस घटना को गुरुत्वाकर्षण ( Gravitation ) कहते हैं । हमारे सौर परिवार का अस्तित्व गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही है । समुद्री ज्वार – भाटे का कारण भी चन्द्रमा तथा पृथ्वी के बीच का गुरुत्वाकर्षण बल ही है ।

ध्वनि तरंग

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम

इस नियम के अनुसार , किन्हीं दो पिण्डों के मध्य कार्य करने वाला बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है ।

गुरुत्वाकर्षण का फॉर्मूला

जहाँ m1 तथा m2 पिण्डों के द्रव्यमान , r पिण्डों के बीच की दूरी तथा G एक सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ( Universal Gravitational Constant ) हैं , जिसका S.I. मान 6.67×10-11 न्यूटन-मी2 / किग्रा2 होता है । न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का गुरुत्वीय सार्वत्रिक नियम ( Newton ‘ s Universal Law of Gravitation ) कहलाता है । यदि दो पिण्डों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए , तो उनके मध्य लगने वाला बल पूर्व में लगे बल का 1 / 4 गुना जाएगा , यद्यपि द्रव्यमानों का गुणनफल नियत रहे ।

गुरुत्व

गुरुत्व पृथ्वी एवं अन्य किसी पिण्ड के बीच लगने वाले बल को गुरुत्व बल तथा इस घटना को गुरुत्व ( Gravity ) कहते हैं अर्थात् गुरुत्व वह आकर्षण बल है जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केन्द्र की ओर खींचती है ।

Check Also

जल के गुण

जल एक रसायनिक पदार्थ है जिसका रसायनिक सूत्र H2O है: जल के एक अणु में दो हाइड्रोजन के परमाणु सहसंयोजक बंध के द्वारा एक ऑक्सीजन के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *