Tuesday , 16 July 2019

घर्षण

घर्षण ( Friction )

घर्षण कोई वस्तु जब किसी दूसरी वस्तु की सतह पर फिसलती या लुढ़कती है या ऐसा करने का प्रयास करती है , तो उनके मध्य होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करने वाले बल को घर्षण ( Friction ) कहते हैं । घर्षण बल सम्पर्क में आने वाले दो पृष्ठों की अनियमितताओं ( Irregularities ) के कारण होता है । जब दो वस्तुएँ । एक – दूसरे के सम्पर्क में आती हैं , तो उनके पृष्ठों की अनियमितताएँ एक – दूसरे के भीतर धंस जाती हैं । रूक्ष ( खुरदरे ) पृष्ठों पर ये अनियमितताएँ अधिक होती हैं । इस प्रकार पृष्ठ रुक्ष हो , तो घर्षण बल अधिक होता है यदि पृष्ठ चिकना हो , तो घर्षण बल कम होता है । घर्षण पूर्णतः समाप्त नहीं हो सकता ।

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स्थैतिक घर्षण

स्थैतिक घर्षण बल जब एक वस्तु अन्य वस्तु की सतह पर फिसलने की प्रवृत्ति तो रखती है , परन्तु वास्तविक गति नहीं कर पाती है , तो उत्पन्न घर्षण बल स्थैतिक घर्षण बल ( Static Friction Force ) कहलाता है । यह स्वत : समायोजित बल होता है । इस घर्षण का एक परास ( Range ) होता है ।

सर्पी घर्षण

जब कोई वस्तु किसी अन्य की सतह पर फिसलती है तो घर्षण , सर्पी घर्षण ( Sliding Friction ) कहलाता है । डेस्क से फिसलने वाली पुस्तक के मामले में अन्य बल अभिनय गुरुत्वाकर्षण बल है ।

लोटनिक घर्षण

लोटनिक एवं सप घर्षण जब कोई वस्तु जैसे पहिया , गोला या बेलन किसी सतह पर लुढ़कता है तो सम्पर्क तलों के मध्य घर्षण , लोटनिक घर्षण ( Rolling Friction ) कहलाता है |

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