Thursday , 23 May 2019
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मेंडलीफ आवर्त सारिणी में त्रुटियाँ

मेंडलीफ आवर्त सारिणी में त्रुटियाँ

मेंडलीफ आवर्त सारिणी में त्रुटियाँ निम्नलिखित थी –

1 . हाईड्रोजन के गुण – धर्म क्षार – धातुओं ( Li , Na , K ) आदि और हैलोजन दोनों के गुण – धर्मों से मिलते हैं । अतः उसे क्षार – धातुओं IA के साथ तथा हैलोजन के साथ VII वर्ग में रखा जा सकता है ।
2 . कुछ समान तत्त्व अलग – अलग वर्गों में रखे गये हैं जबकि असमान गुण – धर्म वाले तत्त्व एक ही वर्ग में रखे गए हैं । जिस प्रकार तांबा , पारा , सोना और प्लैटिनम , बेरियम और सीसा समान होने पर भी अलग – अलग वर्गों में हैं तथा क्षार धातुओं को मुद्रा धातुओं के साथ पहले वर्ग में रखा गया है ।
3 . कुछ स्थानों पर कम परमाणु – भार वाले तत्त्व उच्च परमाणु – भार वाले तत्त्वों से पहले रखे गये हैं जैसे आर्गन पोटैशियम से पहले , कोबाल्ट निक्कल से पहले तथा टेल्यूरियम आयोडीन से पहले आ गया है ।
4 . प्रत्येक तत्त्व के आइसोटोपों के परमाणु – भार अलग होने के कारण इन्हें क्रमानुसार सारिणी में अलग – अलग स्थान मिलना चाहिए । परन्तु ऐसा न होते हुए सभी तत्त्वों के आइसोटोपों को एक ही स्थान दिया गया है ।

आवर्त सारिणी की उपयोगिता

आधुनिक आवर्त सारिणी ( Long form ) – आधुनिक आविष्कारों से यह ज्ञात होता है कि तत्त्वों के गुण – धर्म उनके परमाणु – क्रमांकों पर निर्भर हैं , परमाणु भारों पर नहीं । इसलिए आधुनिक आवर्त सारिणी के अनुसार : – ” तत्त्वों के गुण – धर्म उनके परमाणु – क्रमांकों के आवर्ती फलन ( function ) होते हैं । ”

आधुनिक आवर्त सारिणी का निर्माण इसी आधार पर किया गया है जिससे मेंडलीफ की आवर्त सारिणी में बहुत – सी त्रुटियाँ को दूर कर दिया गया है । इस प्रकार सभी उपवर्ग अलग – अलग हो गये हैं । इसकी मुख्य विशेषता एक यह भी है कि इसमें भिन्न भिन्न तत्वों के प्रकार जैसे संक्रमण तत्त्व , सक्रिय धातु अलग – अलग भागों में पाये जाते हैं ।

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