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जल के गुण

जल एक रसायनिक पदार्थ है जिसका रसायनिक सूत्र H2O है: जल के एक अणु में दो हाइड्रोजन के परमाणु सहसंयोजक बंध के द्वारा एक ऑक्सीजन के परमाणु से जुडे़ रहते हैं। जल के प्रमुख रसायनिक और भौतिक गुण हैं:-

जल के भौतिक गुण

  1. जल गन्धरहित , स्वादरहित और रंगरहित तरल पदार्थ
  2. इसका हिमांक 0° से० और क्वथनांक 100° से० है ।
  3. इसके गलन और वाष्पन की गुप्त ऊष्माएँ क्रमशः 80 और 540 कैलोरी हैं ।
  4. जल ठण्डा करने पर और तरलों की भाँति सिकुड़ता है । परन्तु जल की विशेषता है कि यह 4 से० के नीचे ठण्डा करने पर फैलना प्रारम्भ कर देता है ।
  5. शुद्ध जल विद्युत का कुचालक है ।

ऑक्सीकरण और अपचयन

जल के रासायनिक गुण ( Chemical properties of Water )

( i ) लिटमस पर प्रभाव – जल लिटमस के प्रति उदासीन हैं ।
( ii ) स्थायित्व ( stability ) – जल बड़ा ही स्थायी यौगिक है । साधारणतया यह तेजी से गर्म करने पर भी नहीं अपघटित होता है । 2000 से० के ऊपर यह थोड़ी मात्रा में अपघटित होकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसे बनाता है । विद्युत धारा प्रवाहित करने पर यह अपघटित हो जाता है ।

( iii ) विलायकता ( solvent character ) – जल एक साविक ( universal ) विलायक है । इसमें लगभग सभी प्रकार के अम्ल , क्षार और लवण घुल जाते हैं ।
( iv ) धातुओं के साथ क्रिया ( Action with metals ) – विभिन्न धातुएँ परिस्थिति भेद से जल के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन गैस निकालती हैं । सोडियम , पोटैशियम और कैल्शियम जैसी धातुए सामान्य ताप पर ही ठण्डे जल से क्रिया करती हैं ।

जस्ता तथा टिन धातुएँ उबलते हुए जल को अपघटित कर देते हैं ।

कुछ धातुएं जैसे लोहा और एल्यूमीनियम गर्म दशा में भाप गुजारने पर जल को अपघटित करती हैं ।

भाप

वायु में कार्बन डाइआक्साइड

( v ) परॉक्साइडों पर क्रिया ( Action with peroxides ) – सोडियम परॉक्साइड में ठण्डा जल मिलाने पर वह अपघटित होकर ऑक्सीजन गैस निकालता है ।

( vi ) लाल तप्त कोक के साथ क्रिया – लाल हो चुके गर्म कोक पर भाप प्रवाहित करने पर कार्बन – मानोवसाइड और हाइड्रोजन गैसों का मिश्रण तैयार होता है ।

 जलीय गैस

( vii ) कैल्शियम कार्बोइड के साथ क्रिया – जल कैल्सियम कार्बोइड से क्रिया करके एसिटिलीन गैस निकालता है ।

( एसिटिलीन )

परमाणु के भीतर स्थित कण

( viii ) क्रिस्टलन जल ( Water of Crystalisation ) – बहुत – से लवणों में जल के अणु सम्बद्ध रहते है । ऐसे लवणों को हाइड्रेट कहते हैं । जैसे-

जल के इन अणुओं को ‘ क्रिस्टलन जल के अणु ‘ कहा जाता है । बहुधा क्रिस्टल का स्वरूप और रंग इसी संयुक्त जल के कारण होता है जो क्रिस्टल को गर्म करने पर उसका संयुक्त जल निकल जाने के कारण समाप्त हो जाता है ।

नीले क्रिस्टल वाला कापर सल्फेट            शुष्क सफेद पाउडर

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