Wednesday , 24 July 2019
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देशी राज्यों का विलय

देशी राज्यों का विलय

स्वतन्त्रता प्राप्ति के पूर्व भारतीय राज्यक्षेत्र दो वर्गों में विभक्त था — ब्रिटिश भारत एवं देशी रियासतें । ब्रिटिश भारत में 9 प्रान्त थे , जबकि देशी रियासतों ( Princely States ) की संख्या 600 थी , जिनमें से 565 रियासतों को छोड़कर शेष 35 पाकिस्तान में शामिल हो गईं थीं । देशी राज्यों का विलय करने के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में रियासती मंत्रालय बनाया गया । 565 रियासतों में से तीन रियासतों जूनागढ़ , हैदराबाद , तथा जम्मू – कश्मीर को भारत में विलय कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा । जूनागढ़ रियासत को जनमत संग्रह के आधार पर भारत में तब मिलाया गया , जब उसका शासक पाकिस्तान भाग गया । हैदराबाद रियासत को सैन्य कार्यवाही ( Military Action ) के माध्यम से मिलाया गया ।

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इस सैन्य कार्यवाही को ऑपरेशन पोलो के नाम से जाना जाता है तथा जम्मू – कश्मीर रियासत के तत्कालीन शासक राजा हरि सिंह ने पाकिस्तानी कबायलियों के आक्रमण के कारण भारत के साथ विलय – पत्र पर हस्ताक्षर करके कश्मीर को भारत में सम्मिलित कर लिया गया । देशी रियासतों का भारत में विलय तत्कालीन गृहमन्त्री बल्लभ भाई पटेल के नेतृत्व में रियासती मंत्रालय बनाया गया । स्वतन्त्रता प्राप्ति के उपरान्त ब्रिटिश प्रान्तों एवं देशी रियासतों को एकीकृत करके भारत में राज्यों को चार श्रेणियों A , B , C और D में बाँटा गया था ।

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