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पुष्यभूति या वर्धन राजवंश

पुष्यभूति या वर्धन राजवंश (Pushyabhuti or Vardhqn Dynasty)

पुष्यभूति या वर्धन राजवंश

हर्षवर्धन ( 606 – 647 ई . ) ( Harsh Vardhan ) शिलादित्य ( Shiladitya )

मध्य भारत , उत्तर भारत और दक्कन

  • हर्ष बौद्ध धर्म का अनुयायी था ।
  • हर्ष ने अपनी राजधानी थानेश्वर से कन्नौज स्थानान्तरित की थी तथा हर्ष की सेना को 620 ई . में चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा के तट पर पराजित किया था ।
  • उसने संस्कृत में ‘ नागानन्द , रत्नावली तथा प्रियदर्शिका ‘ नामक नाटकों की रचना की थी ।
  • हर्षवर्धन ने अपने राजदरबार में कादम्बरी और हर्षचरित के रचयिता बाणभट्ट , सुभाषितवलि के रचयिता मयूर और चीनी विद्वान ह्वेनसांग ( सी – यू – की का रचयिता ) को आश्रय प्रदान किया था ।
  • यात्रियों का राजकुमार , नीति का पंडित एवं शाक्यमुनि कहे जाने वाले ह्वेनसांग को चीनी शासक ताई सुंग ( 629 ई . ) ने हर्षवर्धन दरबार में भेजा था ।

 

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