Friday , 24 May 2019
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चीनी लेखक

चीनी लेखक से मिलनेवाली प्रमुख जानकारी

फाहियान

यह चीनी यात्री गुप्त नरेश चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में आया था । इसने अपने विवरण में मध्यप्रदेश के समाज एवं संस्कृति के बारे में वर्णन किया है । इसने मध्यप्रदेश की जनता को सुखी एवं समृद्ध बताया है ।

संयुगन

यह 518 ई . में भारत आया । इसने अपने तीन वर्षों की यात्रा में बौद्ध धर्म की प्राप्तियाँ एकत्रित की ।

ह्वेनसाँग

यह हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था । ह्वेनसाँग 629 ई . में चीन से भारतवर्ष के लिए प्रस्थान किया और लगभग एक वर्ष की यात्रा के बाद सर्वप्रथम वह भारतीय राज्य कपिशा पहुँचा । भारत में 15 वर्षों तक ठहरकर 645 ई . में चीन लौट गया । वह बिहार में नालंदा जिला स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन करने तथा भारत से बौद्ध ग्रंथों को एकत्र कर ले जाने के लिए आया था । इसका भ्रमण वृत्तांत सि – यू – की नाम से प्रसिद्ध है , जिसमें 138 देशों का विवरण मिलता है । इसने हर्षकालीन समाज धर्म तथा राजनीति के बारे में वर्णन किया है । इसके अनुसार सिन्ध का राजा शूद्र था ।

नोट : ह्वेनसाँग के अध्ययन के समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य शीलभद्र थे ।

इत्सिंग

यह 7वीं शताब्दी के अन्त में भारत आया । इसने अपने विवरण में नालंदा विश्वविद्यालय , विक्रमशिला विश्वविद्यालय तथा अपने समय के भारत का वर्णन किया है ।

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