Tuesday , 16 July 2019

असहयोग आन्दोलन

असहयोग आन्दोलन तथा गांधी जी ( Non Co-operation Movement and Mahatma Gandhi )

1919 ई० में रौलेट एक्ट के विरुद्ध सारे भारत में रोष प्रकट किया गया । 1920 ई० में भारत के प्रसिद्ध नेता लोकमान्य तिलक की मृत्यु हो गई । अब गांधी जी ही भारत के सर्व प्रमुख नेता रह गए थे , जिन पर भारतीयों ने आशा लगा रखी थी , इसलिए 1920 ई० में गांधी जी ने अपनी प्रसिद्ध असहयोग आन्दोलन की लहर चलाई । इसके आरम्भ करने के कई कारण थे । 1918 ई० में प्रथम युद्ध समाप्त होने पर भारत ने बेकारी बहुत बड़ गई थी क्योंकि बहुत से लोगों को नौकरी से हटा दिया गया था ।

स्वदेशी आन्दोलन का इतिहास

फिर भारतीय वस्तुओं की मांग भी बहुत कम हो गई थी , जिससे भारतीय किसानों को बड़ी हानि हुई । जब वस्तुओं की मांग ही घट गई तब भारतीय व्यापारियों पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ा क्योंकि किसानों की आर्थिक दशा बहुत गिर गई थी ; इसलिए वे जमींदारों को लगान भी नहीं चुका सकते थे । इसका ज़मींदारों की आर्थिक दशा पर भी बहुत प्रभाव पड़ा । उनसे सरकार तो पूरा लगान मांगती थी । देश की अतीव दुर्दशा थी ।

 

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