Monday , 22 July 2019

होम रूल आन्दोलन

होम – रूल आन्दोलन ( Home Rule Movement )

नर्म दल के नेता गोपाल कृष्ण गोखले तथा फिरोज शाह महता , दोनों की 1915 ई० में मृत्यु हो गई । इधर लोकमान्य तिलक भी अपने देश – निर्वासन की अवधि पूरी करके 1914 ई० में भारत लौट आए थे ; इसलिए गर्म दल का प्रभाव बढ़ने लग गया था । मुसलमान भी अंग्रेजों से नाराज थे क्योकि उन्होंने तुर्की पर आक्रमण किया था , इसलिए कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग में समझौता हो गया जिसे लखनऊ पैक्ट ( Lucknow Pact ) कहा जाता है , इसलिए दोनों पार्टियों ने मिलकर स्वराज्य प्राप्ति के लिए संघर्ष शुरू कर दिया ।

गर्म धड़े वालों ने नर्म दल वालों को भी साथ मिलाकर श्रीमती ऐनी बेसेन्ट ( Mrs . Annie Besant ) के सहयोग मे 1916 ई० में होम रूल आन्दोलन ( Home Rule Movement ) चलाई । उस समय श्रीमती ऐनी बेसेन्ट ने कहा था , “ मैं भारत की बड़ी तोप हूँ जो सभी सोने वालों को जगा देगी , जिससे वे जाग सके और अपनी मातृ – भूमि के लिए काम कर सके । “ श्रीमती ऐनी बेसेन्ट ने अंग्रेजी सरकार को बता दिया कि होम रूल तो भारतीयों का अधिकार हैं । वे उसे अंग्रेजों से उनकी सेवा के बदले में नहीं लेना चाहते । 1917 ई० में यह आन्दोलन अपने शिखर पर पहुंच गया । भारत सरकार ने उसे दबाने के लिए उपाय किए । श्रीमती बेसैन्ट को कैद कर लिया गया । लोगों ने उसे छुड़ाने के लिए बहुत बड़ा आन्दोलन किया , पर उस समय 1917 ई० में भारत मन्त्री ने घोषणा की कि सरकार धीरे – धीरे भारतीयों को उत्तरदायी सरकार दे देगी । इसके परिणाम स्वरूप होम – रूल आन्दोलन धीरे – धीरे स्वयं ही शान्त हो गया ।

Check Also

जल के गुण

जल एक रसायनिक पदार्थ है जिसका रसायनिक सूत्र H2O है: जल के एक अणु में दो हाइड्रोजन के परमाणु सहसंयोजक बंध के द्वारा एक ऑक्सीजन के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *