Tuesday , 16 July 2019
Home / सामान्य ज्ञान / इतिहास / आधुनिक भारत / पूर्ण स्वतंत्रता की मांग

पूर्ण स्वतंत्रता की मांग

पूर्ण स्वतन्त्रता की मांग ( Demand for Complete Independence )

इंग्लैंड से 1928 ई० को सर जॉन साइमन ( Sir John Simon ) की अध्यक्षता में एक कमीशन भारत आया । इस कमीशन के सात सदस्य थे । परन्तु इनमें एक भी भारतीय सदस्य न था । इसका मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि 1919 ई० के सुधार भारत में कहाँ तक सफल हुए हैं । इसलिए भारत में उसका बहिष्कार ( बायकॉट ) किया गया । कांग्रेस ने लाहौर ( Lahore ) में लाला लाजपत राय ( L. Lajpat Rai ) के नेतृत्व में इस कमीशन के विरुद्ध बड़ा भारी जलूस निकाला । पुलिस ने जलूस पर लाठियां बरसाई , जिससे लाला जी भी पुलिस की लाठियों से बहुत घायल हो गए । इन घावों से ही कुछ दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई ।

जानिये जलियांवाला बाग हत्याकांड की कहानी

इसके बाद इंग्लैंड में मजदूर दलीय सरकार बनी और कांग्रेस को इससे थोड़ी आशा भी हुई । गांधी जी , मोती लाल नेहरू तथा सर तेज बहादुर सप्रू इन सभी ने मिल कर एक रिपोर्ट तैयार की जिसमें डोमीनियन स्वराज्य ( Dominion Status ) का प्रस्ताव रखा । इसमें जरा भी सफलता न मिली , पर उससे अगले वर्ष ही कांग्रेस का अधिवेशन जवाहरलाल की अध्यक्षता में लाहौर में हुआ । उसमें कांग्रेस ने पूर्ण स्वतन्त्रता ( Complete Independence ) का प्रस्ताव पास कर दिया । जिसके अनुसार 26 जनवरी 1930 ई० को सारे भारत में स्वतन्त्रता दिवस मनाया गया । तभी तो आज तक भी 26 जनवरी को दिन मनाया जाता है । ये सभी पग गांधी जी की सलाह से उठाए गए ।

Check Also

जल के गुण

जल एक रसायनिक पदार्थ है जिसका रसायनिक सूत्र H2O है: जल के एक अणु में दो हाइड्रोजन के परमाणु सहसंयोजक बंध के द्वारा एक ऑक्सीजन के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *