Monday , 20 May 2019
Breaking News
Home / सामान्य ज्ञान / इतिहास / आधुनिक भारत / कांग्रेस की स्थापना के बाद देश में परिवर्तन

कांग्रेस की स्थापना के बाद देश में परिवर्तन

जाने कांग्रेस की स्थापना के बाद देश में परिवर्तन :-

प्रारम्भ में जब कांग्रेस की स्थापना हुई तो सरकार का उसके साथ बहुत मित्रता – पूर्ण व्यवहार था । जहां तक कि सरकारी कर्मचारी भी इसमें भाग लिया करते थे । 1886 ई० में लार्ड डफरिन ने कांग्रेस के मैम्बरों को पार्टी भी दी थी । गवर्नर – जनरल तथा भारत सरकार का विचार था कि कांग्रेस भी भारत में इंग्लैंड के विरोधी दल जैसा ही व्यवहार करे । वह सुधार की मांग करके लोगों के क्रोध को शान्त करे , किन्तु कांग्रेस इससे आगे बढ़ गई । उसने भारतीयों की सुधार की मांगे बड़े जोर से मांगनी शुरू कर दीं । सरकार को कांग्रेस में यह आशा नहीं थी ; इसलिए सरकार की ओर से कांग्रेस के साथ व्यवहार में परिवर्तन आ गया ।

इस परिवर्तन से कांग्रेस के दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आ गया । उसमें ऐसे सभासद् भी आ गए जो इस विचार के थे कि इन प्रार्थना भरे प्रस्तावों से सरकार कोई सुधार नहीं करेगी , इसलिए कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता थी , किन्तु फिर भी कांग्रेस में अधिक संख्या ऐसे लोगों की थी , जो अब भी शान्ति के प्रस्तावों से ही अपनी मांगे सरकार से पूरी कराना चाहते थे । इस तरह के नेता सरकार से प्रत्येक बात का वैधानिक ढंग से ही परिवर्तन कराने के यत्न में रहते थे । इन नेताओं में दादाभाई नौरोजी , गोपाल कृष्ण गोखले तथा सुरेन्द्र बैनर्जी आदि लोग थे । ये नेता नर्म नीति के पुजारी थे ।

Check Also

जल के गुण

जल एक रसायनिक पदार्थ है जिसका रसायनिक सूत्र H2O है: जल के एक अणु में दो हाइड्रोजन के परमाणु सहसंयोजक बंध के द्वारा एक ऑक्सीजन के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *