Monday , 20 May 2019
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कांग्रेस का आरम्भ

कांग्रेस का आरम्भ ( Origin of the Indian National Congress )

अंग्रेजी सरकार भारत पर आए दिन बड़े अत्याचार ढा रही थी । भारतीयों को तो मुंह खोलने तक का भी अधिकार न था । 1857 ई० की क्रान्ति का विफलता के साथ अंग्रेजी सरकार जहां अभिमान में भर गई थी , वहीं उसने भारतीयों को दबाने व तंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी । वरनैकुलर प्रैस एक्ट ( Vernacular Press Act ) से भारत के देशी समाचार पत्रों के साथ बड़ा अन्याय हुआ था । भारतीय अभी इस ओर से पूरी तरह शान्त नहीं हो पाए थे कि लार्ड रिपन ने इलबर्ट बिल ( IIbert Bill ) पास करने का यत्न किया , जिसे अंग्रेजी सरकार ने पास नहीं होने दिया । इलबर्ट बिल के अनुसार भारतीय जजों को यूरोपीयन अपराधियों के मुकद्दमे सुनने का अधिकार मिल जाता था । इससे भारतीयों का पारा बहुत बुढ़ गया । फिर सुरेन्द्रनाथ बैनर्जी नाम के युवक ने आई० सी० एस० ( I . C . S . ) की परीक्षा पास कर ली पर अंग्रेजों ने उसे आई० सी० एम० की पदवी देने से इन्कार कर दिया । इससे भारतीयों ने अनुभव किया कि अंग्रेज उन्हें क्लर्को के सिवाय और कुछ भी नहीं बनाना चाहते । सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी ने उन दिनों भारत के भिन्न – भिन्न प्रान्तों में दौरा किया और पढ़े – लिखे लोगों में राष्ट्रीय भावना को जगाया । उसने 1883 ई० में भारतीय राष्ट्रीय कान्फ्रेंस बुलाई । यह कान्फ्रेंस भारतीय कांग्रेस की मार्ग दर्शक व पृष्ठभमि थी ।

इन्हीं दिनों पूना में एक अंग्रेज़ श्री ए ओ ह्यूम ( Mr. A. O. Hume ) ने पढ़े – लिखे भारतीयों को सुझाव दिया कि वे एक इस प्रकार की कोई संस्था बना ले जो भारतवासियों के सामाजिक , आर्थिक , मानसिक तथा राजनीतिक विचारों के लिए कुछ उपाय करे । इस प्रकार ए० ओ० ह्यूम के प्रयत्नों से दिसम्बर 1885 ई० में इण्डियन नैशनल काँग्रेस ( Indian National Congress ) की नींव रखी गई । इसके पहले प्रधान श्री वोमेश चन्द्र बैनर्जी ( W . C . Bannerjee ) थे । कांग्रेस का अधिवेशन ( इजलास ) प्रति वर्ष किसी बड़े नगर में होता रहा । वहां छोटी बड़ी मांगों के प्रस्ताव पास होते रहे । उसका कारण यह था कि उस समय कांग्रेस में ऐसे लोगों की अधिकता थी जो वैधानिक ढग से ही अंग्रेज़ी राज्य में सुधार करना चाहते थे । अधिक से अधिक शिक्षा के प्रचार , प्रैस की स्वतंत्रता , भारतीयों के साथ सहानुभूति के प्रस्ताव ही पास हुआ करते थे । उनकी भाषा भी कोमल होती थी ।

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