Wednesday , 24 July 2019
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भारत के लोक नृत्य

भारत के लोक नृत्य ( Folk dance of india )

भारत की संस्कृति जितनी ज्यादा रोचक है, उतनी दुनियां के किसी देश की नहीं है। विविधताओं से भरे हमारे देश का हर रंग निराला है। यहाँ की संस्कृति दुनिया की तमाम संस्कृतियों में सबसे ज्यादा उन्नत है। भारत ऐसा देश है, जहां सभी अवसरों पर विभिन्न प्रकार के लोक नृत्य किये जाते है। पुरे भारत देश में बहुत समय पहले से उत्सव और त्योहारों पर नृत्य करने की परम्परा चली आ रही हैं। लोक नृत्य प्रदेश की संस्कृति को बयां करते है। ऐसे नृत्य जो प्रान्त, धर्मं , जाति या स्थान के आधार पर भिन्नता रखते है वे लोक नृत्य होते है। एक प्रदेश के एक से अधिक लोक नृत्य भी हो सकते है।

सामान्य भाषा में कहे, तो ऐसा नृत्य जो लोगो में या समुदाय में प्रिय हो, वह लोक नृत्य कहलाता है। जिलानुसार भारत के प्रमुख लोकनृत्य इस प्रकार हैं

राज्य प्रमुख लोक नृत्य
असोम खेल गोपाल, बिहू, कलिगोपाल महारास , नटपूजा , बोई साजू
राजस्थान घूमर , कठपुतली , बगरिया , शंकरिया , पनिहारी , गणगौर
गुजरात गरबा , डाण्डियारास , रासलीला , गणपति भजन , लास्या
पश्चिम बंगाल जात्रा , कीर्तन , बाउल , जया
महाराष्ट्र लावनी , तमाशा , मौनी
बिहार बखो – बखाइन , विदेशिया , माघा , सोहराई
केरल ओणम , भद्रकवि
झारखंड झाऊ , घुमकुडिया , जदूर , सरहुल , सोहराई , करमा
कर्नाटक यक्ष – गान , कर्गा
ओडिशा संचार , डण्डानटा , छाऊ , पैका
आन्ध्र प्रदेश घण्टा मरदाला
उत्तर प्रदेश रासलीला , नौटंकी , झुला , छपेली
उत्तराखंड कजरी और करन
मध्य प्रदेश गोड़ो , नवरानी , दिवारी , चैत , रीना , शूआ , टपाड़ी , शैला
पंजाब भाँगड़ा , गिद्दा , कीकली , घमान
हरियाणा घोड़ीनाच , सांग
छत्तीसगढ़ सैला , करमा , भगोरिया
हिमाचल प्रदेश छारबा , जद्दा , झैन्ती , डाँगी

भारत के प्रमुख वायसराय

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