Wednesday , 24 July 2019

अकबर की धार्मिक नीति के प्रभाव

अकबर की धार्मिक नीति के प्रभाव अकबर एक महान राजा था । वह ज्यादा पढ़ा लिखा न होने पर भी सूझ बुझ से काम लेता था । अकबर की धार्मिक नीति का लोगों पर बहुत प्रभाव पड़ा । अकबर की धार्मिक नीति के प्रभाव निम्नलिखित है – 1.हिन्दुओं तथा राजपूतों के सहयोग से अकबर ने अपने साम्राज्य में शान्ति का वातावरण स्थापित किया …

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ज्वालामुखी

ज्वालामुखी

ज्वालामुखी ज्वालामुखी ( Volcano ) भू – पटल पर वह प्राकृतिक छद या दरार है , जिससे होकर पृथ्वी का पिघला पदार्थ लावा , राख , भाप तथा अन्य गैसें बाहर निकलती हैं । बाहर हवा में उड़ा हुआ लावा शीघ्र ही ठंडा होकर छोटे ठोस टुकड़ों में बदल जाता है , जिसे सिंडर कहते हैं । विस्फोट में निकलने …

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भूकम्प

भूकम्प भूकम्प ( Earthquake ) का तात्पर्य भू – पटल के नीचे या ऊपर चट्टानों के बीच कम्पन या गुरुत्वाकर्षण की समस्थिति ( Equilibrium ) में क्षणिक अव्यवस्था होने पर उत्पन्न हलचल से है । इस प्रकार भूकम्प का सामान्य अर्थ पृथ्वी के कम्पन से है । यह कम्पन सामान्यतः भू – गर्भ में ऊर्जा की विमुक्ति ( Release ) …

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अर्थव्यवस्था के क्षेत्र

अर्थव्यवस्था के क्षेत्र सामान्यतः सम्पूर्ण भारतीय अर्थव्यवस्था की आर्थिक गतिविधियों को लेखांकित करने के लिए तीन क्षेत्र में विभाजित किया जाता है । प्राथमिक क्षेत्र ( Primary Sector ) अर्थव्यवस्था का यह क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण पर निर्भर होती है । इन गतिविधियों का संबंध भूमि , जल , वनस्पति और खनिज जैसे प्राकृतिक संसाधनों से है । कृषि , …

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परमाणु भौतिकी

परमाणु भौतिकी नाभिकीय भौतिकी में परमाणवीय नाभिक का अध्ययन किया जाता है । परमाणु के नाभिक का व्यास 10 – 15 मीटर , 10 – 14 मीटर की कोटि का होता है , जबकि परमाणु का व्यास 10 – 10 मीटर होता है । नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन कण होते हैं । नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को …

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स्थिर विद्युत

स्थिर विद्युत ( Static Electricity ) पदार्थों को परस्पर रगड़ने से उस पर जो आवेश की मात्रा संचित रहती है , उसे स्थिर विद्युत कहते हैं । स्थिर विद्युत में आवेश स्थिर रहता है । चालक ( Conductor ) जिन पदार्थों से होकर विद्युत् आवेश सरलता से प्रवाहित होता है , उन्हें चालक कहते हैं । जैसे – चाँदी , …

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विद्युत धारा

विद्युत धारा किसी चालक में विद्युत् आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत् धारा कहते हैं । विद्युत् धारा की दिशा धन आवेश की गति की दिशा की ओर मानी जाती है । इसका S . I . मात्रक एम्पियर है । यह एक अदिश राशि है । अमीटर ( Ammeter ) इसकी सहायता से धारा का मान एम्पियर में …

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