Wednesday , 24 July 2019

भारत की खनिज सम्पत्ति

भारत की खनिज भारत में खनिज प्रचुर मात्रा में प्राप्त होता है । भारत में फैरस धातुओं की काफ़ी मात्रा उपलब्ध है परन्तु नॉन फैरस धातुओं जैसे पारा , वंग , जस्त तथा कापर आदि का अभाव है जो हम दूसरे देशों से मंगवाते हैं । स्वतन्त्रता प्राप्त करते के पश्चात् भारत ने धातु निष्कर्षण उद्योग में काफ़ी उन्नति की है …

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भारतीय राजव्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रशन

LatestHindiGK के GK In Hindi (हिन्दी सामान्य ज्ञान) भाग में भारतीय राजव्यवस्था के प्रश्नो का संग्रह हैं।ये प्रश्न विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं जैसे SSC, IBPS बैंकिंग, रेल्वे, राज्यो के PSC (RAS, UPPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UKPSC इत्यादि तथा इसी तरह की कई अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारतीय राजव्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रशन- 1 . द्वैध – शासन प्रणाली की शुरुआत …

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भारत राज्यों का संघ

भारत राज्यों का संघ है , जिसमें सम्प्रति 29 राज्य और 7 केन्द्र शासित प्रदेश हैं । संविधान के भाग 1 के तहत अनुच्छेद 1 से 4 तक में संघ और इसके स्वरूपों के बारे में व्यापक अध्ययन किया गया है । संविधान निर्माण के दौरान संविधान सभा में देश के नाम को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए थे कुछ …

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भारतीय संविधान सभा

भारतीय संविधान सभा

भारतीय संविधान सभा भारतीय संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा किया गया , जिसकी स्थापना कैबिनेट मिशन योजना , 1946 के अन्तर्गत की गई । संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गयी थी , जिनमें 292 ब्रिटिश प्रान्तों के प्रतिनिधि , 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि एवं 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे । …

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देशी राज्यों का विलय

देशी राज्यों का विलय स्वतन्त्रता प्राप्ति के पूर्व भारतीय राज्यक्षेत्र दो वर्गों में विभक्त था — ब्रिटिश भारत एवं देशी रियासतें । ब्रिटिश भारत में 9 प्रान्त थे , जबकि देशी रियासतों ( Princely States ) की संख्या 600 थी , जिनमें से 565 रियासतों को छोड़कर शेष 35 पाकिस्तान में शामिल हो गईं थीं । देशी राज्यों का विलय …

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नागरिकता संशोधन अधिनियम , 1986

नागरिकता संशोधन अधिनियम , 1986 बांग्लादेश , श्रीलंका तथा कुछ अफ्रीकी देशों से बड़ी संख्या में लोगों के गैर – कानूनी तरीके से भारत में आ जाने के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए वर्ष 1986 में भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम , 1955 में संशोधन किया गया । ये संशोधन निम्नलिखित है- 1. अब भारत में जनमे केवल उस …

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दीन-ए-इलाही के मुख्य सिद्धांत

दीन-ए-इलाही ( Chief Principles of Din – i – Ilahi ) अकबर द्वारा प्रचलित नए धर्म दीन-ए-इलाही के मुख्य सिद्धान्त निम्नलिखित थे : 1. परमात्मा एक है और सभी धर्मों के लोग उसकी दृष्टि में समान है । 2. इस धरती पर अकबर उसी परमात्मा का प्रतिनिधि है । 3. दीन-ए-इलाही के सदस्यों को आवश्यकता पड़ने पर अपनी सारी सम्पत्ति अकबर …

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