Wednesday , 24 July 2019

आवर्त सारिणी की उपयोगिता

आवर्त सारिणी की उपयोगिता आवर्त सारिणी की उपयोगिता निम्नलिखित प्रकार से है – 1 . आवर्त सारिणी तत्वों के वर्गीकरण की एक सरल योजना है । इसकी सहायता से रसायन का अध्ययन 9 वर्गों में व्यवस्थित हो गया है जिससे कि इसका अध्ययन बहुत सरल हो गया है । 2 . सारिणी बनाते समय मेंडलीफ ने कुछ स्थान खाली छोड़ …

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मेंडलीफ आवर्त सारिणी में त्रुटियाँ

मेंडलीफ आवर्त सारिणी में त्रुटियाँ मेंडलीफ आवर्त सारिणी में त्रुटियाँ निम्नलिखित थी – 1 . हाईड्रोजन के गुण – धर्म क्षार – धातुओं ( Li , Na , K ) आदि और हैलोजन दोनों के गुण – धर्मों से मिलते हैं । अतः उसे क्षार – धातुओं IA के साथ तथा हैलोजन के साथ VII वर्ग में रखा जा सकता …

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परमाणु क्रमांक

परमाणु क्रमांक ( Atomic Number ) किसी परमाणु के नाभिक की धनात्मक आवेश संख्या को उसका परमाणु क्रमांक कहते हैं । परमाणु क्रमांक N = प्रोटानों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या ( अन्दर स्थित ) ( बाहर स्थित ) उदाहरण हाइड्रोजन का परमाणु क्र. एक है इसलिए इसके नाभिक के अन्दर एक प्रोटॉन होना चाहिए । इसी प्रकार सोडियम …

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इलेक्ट्रॉन कक्ष

इलेक्ट्रॉन कक्ष

इलेक्ट्रॉन कक्ष ( Electron Shells ) परमाणु में इलेक्ट्रॉन जिन कक्ष में घूमते रहते हैं उन्हें नाभिक से बाहर की ओर क्रमशः K , L , M , N , O , P और Q अक्षरों द्वारा व्यक्त किया जाता है । विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन की संख्या के विषय में दो नियम महत्त्वपूर्ण हैं । परमाणु नाभिक क्या है ? …

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परमाणु नाभिक

परमाणु नाभिक

  1911 ई० में रदरफोर्ड ने परमाणु नाभिक की खोज की । 1911 ई० में रदरफोर्ड ने प्रयोगों द्वारा सिद्ध किया कि , ( i ) परमाणु का समस्त धन आवेश तथा लगभग सम्पूर्ण भार उसके केन्द्रीय भाग में स्थित होता है । ( ii ) नाभिक का व्यास परमाणु के व्यास से बहुत ही छोटा होता है ( परमाणु के व्यास का …

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परमाणु के भीतर स्थित कण

परमाणु के भीतर स्थित कण परमाणु छोटे – छोटे विद्युत – धारित कणों के मिलने से बना है ; परमाणु के भीतर स्थित कण का ब्यौरा निम्नलिखित है – ( 1 ) इलेक्ट्रॉन ( Electron ) – भार में यह हाइड्रोजन परमाणु के भार का 1/1845 है ; यह अत्यन्त सुक्ष्म कण है जिस पर इकाई ऋण आवेश ( Unit …

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परमाणु क्या है

परमाणु क्या है परमाणु क्या है प्राचीन यूनानी तथा हिन्दू दार्शनिकों के लेखों में इस बात का प्रमाण मिलता है कि वे द्रव्य को सूक्ष्म अपघटित कणों से मिलकर बना मानते थे । परन्तु उनका यह विचार केवल कल्पना पर ही आधारित था । वैज्ञानिक रूप से यह विचार सबसे पहले जॉन डालटन ने 1808 ई० में पेश किया और उसको …

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