Tuesday , 16 July 2019
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चौथी पीढ़ी की भाषाएँ

चौथी पीढ़ी की भाषाएँ ( Fourth Generation Languages – 4th GL )
तीसरी पीढ़ी की भाषाओं में प्रोग्राम लिखने के लिए बहुत सारे कोड लिखने होते हैं । इनमें त्रुटि ढूँढना तथा कोई परिवर्तन करना कठिन होता है , परन्तु चौथी पीढ़ी की भाषा / 4th GL में निर्देशों की संख्या कम होती है । अत : प्रोग्राम लिखना आसान होता है । 4th GL नॉन – प्रोसीजरल लेंग्वेज है । इसका आशय है कि प्रोग्रामर केवल ‘ क्या ‘ का उल्लेख करता है और प्रोग्राम ‘ कैसे ‘ को बिना पूछे सहयोग करता है ।

नेटवर्क टोपोलॉजी

चतुर्थ पीढ़ी की भाषाओं की कुछ अन्य विशेषताएँ
उच्चस्तरीय भाषाओं में 4GL सबसे अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली है । इस भाषा का विकास हाल ही के वर्षों में हुआ है । इस भाषा में किसी भी प्रकार के लम्बे प्रोग्राम की आवश्यकता नहीं पड़ती है और इस भाषा को प्रयोग में लाना अत्यन्त सरल है । क्योंकि इसके लिए यूजर को प्रोग्रामिंग को सीखे बिना ही असेम्बलर की सहायता से प्रयोग में लाया जा सकता है , जिस कारण इसे स्व – प्रोग्रामिंग भाषा भी कहा जाता है । इस भाषा के विकास का मुख्य उद्देश्य सॉफ्टवेयर के निर्माण में लगने वाले समय एवं लागत को कम करना है । इस भाषा के मुख्य उदाहरण — Sybase , FoxPro , MS Access , Ingress , ORACLE हैं ।

चौथी पीढ़ी की भाषाएँ..

महत्त्वपूर्ण प्रोग्रामिंग भाषाओं के विस्तृत रूप
BASIC Beginners All – purpose Symbolic Instruction Code
HLL High Level Language
COBOL Common Business Oriented Language
LOGO Logic Oriented Graphics Oriented
LLL Low Level Language
FORTRAN Formula Translator
PROLOG Programming in Logic
SNOBOL String Oriented Symbolic Language

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