Tuesday , 16 July 2019
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डिजाइन टूल्स

डिजाइन टूल्स ( Design Tools )
किसी प्रोग्राम को लिखने से पहले उसके अन्तर्गत होने वाले इनपुट आउटपुट , डाटा के प्रवाह तथा लॉजिक का निर्धारण करना होता है । इसके लिए हमें डिजाइन टूल्स की आवश्यकता होती है । ये डिजाइन टूल्स निम्नलिखित है —

( a ) डी. एफ. डी. ( DFD – Data Flow Diagram )
DFD किसी प्रोसेस या सिस्टम में डाटा के प्रवाह का चित्रात्मक प्रदर्शन है । इसमें सिस्टम में कंट्रोल का प्रवाह न दिखाकर डाटा के प्रवाह को चित्रित करते हैं । DFD बनाने के लिए कुछ चिह्नों और संकेतकों ( Symbols and Notations ) का उपयोग होता है । ये संकेतक निम्नलिखित हैं Dfd-data flow diagram(i) डाटा फ्लो ( Data Flow )
इसे तीर के चिह्न वाली रेखा से दर्शाया जाता है । यह सिस्टम में डाटा के प्रवाह की दिशा की जानकारी देता है ।
(ii) प्रक्रिया ( Process )
आने वाली डाटा के प्रवाह ( Incoming data flow ) को जाने वाली डाटा के प्रवाह ( outgoing data flow ) में बदलना प्रक्रिया ( Process ) कहलाता है । इसके अन्दर प्रोसेस के निर्देश निहित रहते हैं ।
(iii) निर्णय ( Decision )
यह लॉजिकल प्रक्रियों को दर्शाता है जिसका परिणाम हॉल जसका रम हो ( Yes ) या ना ( No ) में होता है । DFD में इसे ◊ से दर्शाया जाता है ।
(iv) कनेक्टर ( Connector )
विशाल प्रोग्राम के एक पृष्ठ से अधिक के फ्लोचार्ट को कनेक्टर द्वारा जोड़ते हैं ।
(v) इनपुट / आउटपुट ( Input / output )
यह प्रोग्राम में इनपुट तथा आउटपुट को प्रदर्शित करता है ।
(vi) डाटा स्टोर ( Data Store )
यह डाटा के भंडारण को दर्शाता है ।

( b ) एल्गोरिद्मम( Algorithm )
कम्प्यूटर की सहायता से किसी भी कार्य को सम्पन्न करने के लिए प्रोग्राम या निर्देशों के समूह की आवश्यकता होती है । प्रोग्राम लिखने के लिए हमें एक – एक कर बताना होता है , यह कैसे सम्पन्न होगा या प्रोग्राम किस लॉजिक पर कार्य करेगा । यहाँ पर हमें कम्प्यूटर एल्गोरिद्म की आवश्यकता पड़ती है । एल्गोरिद्म किसी कम्प्यूटर प्रोग्राम को पूरा करने वाली बुनियादी तकनीक है । यह निर्देशों का समूह है जो कार्य सम्पन्न होने में सहायक है । एल्गोरिद्म में कोई गलती ( Error ) होने पर गलत परिणाम ( Result ) प्राप्त होता है , जिसे Logical error कहते हैं ।

( c ) फ्लोचार्ट ( Flowchart )
फ्लोचार्ट एल्गोरिद्म या प्रोसेस की चित्रात्मक अभिव्यक्ति है । फ्लोचार्ट प्रोसेस या प्रोग्राम का विश्लेषण , डिजाइन करने , डॉक्यूमेंट बनाने तथा प्रबन्धन में प्रयोग होता है । यह भी DFD की तरह चिह्नों तथा संकेतों का प्रयोग कर बनाया जाता है ।

( d ) स्यूडोकोड़ ( Pseudocode )
यह प्रोग्राम डिजाइन लैंग्वेज ( PDL ) भी कहलाता है , जो फ्लोचार्ट का एक विकल्प है । स्यूडोकोड में लॉजिक को अंग्रेजी की तरह लिखा जाता है । बहुत सारे प्रोग्रामर स्यूडोकोड को वरीयता देते हैं क्योंकि इसमें परिवर्तन करना आसान है ।
1. Start
2. Input A,B
3. Compare A and B
4. If A > B, Print A
5. Else Print B
स्यूडोकोड़ ( Pseudocode )

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