Wednesday , 24 July 2019
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सामान्य ज्ञान

भूकम्प

भूकम्प भूकम्प ( Earthquake ) का तात्पर्य भू – पटल के नीचे या ऊपर चट्टानों के बीच कम्पन या गुरुत्वाकर्षण की समस्थिति ( Equilibrium ) में क्षणिक अव्यवस्था होने पर उत्पन्न हलचल से है । इस प्रकार भूकम्प का सामान्य अर्थ पृथ्वी के कम्पन से है । यह कम्पन सामान्यतः भू – गर्भ में ऊर्जा की विमुक्ति ( Release ) …

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अर्थव्यवस्था के क्षेत्र

अर्थव्यवस्था के क्षेत्र सामान्यतः सम्पूर्ण भारतीय अर्थव्यवस्था की आर्थिक गतिविधियों को लेखांकित करने के लिए तीन क्षेत्र में विभाजित किया जाता है । प्राथमिक क्षेत्र ( Primary Sector ) अर्थव्यवस्था का यह क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण पर निर्भर होती है । इन गतिविधियों का संबंध भूमि , जल , वनस्पति और खनिज जैसे प्राकृतिक संसाधनों से है । कृषि , …

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परमाणु भौतिकी

परमाणु भौतिकी नाभिकीय भौतिकी में परमाणवीय नाभिक का अध्ययन किया जाता है । परमाणु के नाभिक का व्यास 10 – 15 मीटर , 10 – 14 मीटर की कोटि का होता है , जबकि परमाणु का व्यास 10 – 10 मीटर होता है । नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन कण होते हैं । नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को …

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स्थिर विद्युत

स्थिर विद्युत ( Static Electricity ) पदार्थों को परस्पर रगड़ने से उस पर जो आवेश की मात्रा संचित रहती है , उसे स्थिर विद्युत कहते हैं । स्थिर विद्युत में आवेश स्थिर रहता है । चालक ( Conductor ) जिन पदार्थों से होकर विद्युत् आवेश सरलता से प्रवाहित होता है , उन्हें चालक कहते हैं । जैसे – चाँदी , …

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विद्युत धारा

विद्युत धारा किसी चालक में विद्युत् आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत् धारा कहते हैं । विद्युत् धारा की दिशा धन आवेश की गति की दिशा की ओर मानी जाती है । इसका S . I . मात्रक एम्पियर है । यह एक अदिश राशि है । अमीटर ( Ammeter ) इसकी सहायता से धारा का मान एम्पियर में …

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प्रकाश

वास्तव में प्रकाश एक प्रकार की उर्जा है, जो विधुत चुम्बकीय तरंगों के रूप में संचारित होती है. ऐसा विकिरण या ऊर्जा जो हमारी आँखों को संवेदित करता है , प्रकाश कहलाता है । प्रकाश का चिकने पृष्ठ से टकराकर वापस लौटने की घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं । प्रकाश की चाल विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल भिन्न …

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ऊष्मा इंजन

ऊष्मा इंजन

वह युक्ति जिसके द्वारा ऊष्मा का यान्त्रिक कार्य में रूपान्तरण किया जा सकता है , ऊष्मा – इंजन ( Heat Engine ) कहलाती है । इसके मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं ऊष्मा का स्रोत ( Source of Heat ) इंजन में किसी भी प्रकार के ईंधन को जलाकर ऊष्मा प्राप्त की जा सकती है ; जैसे — मोटर …

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