Friday , 24 May 2019
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प्राचीन भारत

समुद्रगुप्त का धर्म

समुद्रगुप्त का धर्म ( Riligion of Samudra Gupta ) हिन्दू धर्म ( Hindu Religion ) समुद्रगुप्त के सिक्के उसके धर्म के सम्बन्ध में प्रकाश डालते हैं , जिनसे वह हिन्दू धर्म को मानने वाला प्रमाणित होता । वह विष्णु का पुजारी था क्योंकि उसने अश्वमेध यज्ञ किया था और ब्राह्मणों को बहुत दान दिया था ; इसलिए यह प्रमाणित होता …

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चीनी लेखक

चीनी लेखक से मिलनेवाली प्रमुख जानकारी फाहियान यह चीनी यात्री गुप्त नरेश चन्द्रगुप्त द्वितीय के दरबार में आया था । इसने अपने विवरण में मध्यप्रदेश के समाज एवं संस्कृति के बारे में वर्णन किया है । इसने मध्यप्रदेश की जनता को सुखी एवं समृद्ध बताया है । संयुगन यह 518 ई . में भारत आया । इसने अपने तीन वर्षों …

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यूनानी – रोमन लेखक

यूनानी रोमन लेखक से मिलनेवाली प्रमुख जानकारी टेसियस यह ईरान का राजवैद्य था । भारत के संबंध में इसका विवरण आश्चर्यजनक कहानियों से परिपूर्ण होने के कारण अविश्वसनीय है । हेरोडोटस इसे ‘ इतिहास का पिता ‘ कहा जाता है । इसने अपनी पुस्तक हिस्टोरिका में 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के भारत – फारस के संबंध का वर्णन किया है …

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गुप्तकालीन कला और साहित्य

कला और साहित्य की उन्नति ( Progress in Art and Literature ) समुद्रगुप्त केवल युद्धों के लिए ही महान् नहीं था । उसने सभी लड़ाइयां जीती हैं , विजय के साथ ही शांति की कलाओं में भी वह महान् था । समुद्रगुप्त जहां एक महान् विजेता था वहां एक विद्वान् साहित्य और कला का भी प्रेमी था , उसके दरबार …

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समुद्रगुप्त और उसकी राजनीतिक दशा

प्रारम्भिक जीवन ( Early Life of Samudragupta ) समुद्र गुप्त चन्द्रगुप्त प्रथम का पुत्र था । इसकी माता लिच्छवि वंश की राजकुमारी कुमार देवी थी । इसका समुद्र गुप्त पर बहुत प्रभाव था । वह बड़े गर्व से स्वयं को “ लिच्छवि दोहता “ कहता था । समुद्रगुप्त के बाल्य काल के विषय में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है । इतना अवश्य …

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गुप्त वंश की जानकारी के मुख्य स्रोत

गुप्त वंश की जानकारी लगभग 125 वर्ष के इतिहास के अज्ञात – काल के पश्चात् गुप्त वंश ने फिर भारत में एक स्थायी साम्राज्य स्थापित किया था । इस वंश के इतिहास को जानने के लिए हमारे पास निम्नलिखित मुख्य स्रोत हैं :- चीनी यात्री फाह्यान का वृत्तान्त ( Fahien’s account ) चीनी यात्री फाह्यान 405 – 411 ई० में …

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चीनी यात्री फाह्यान तथा उसका भारत वर्णन

फाह्यान एक चीनी यात्री था जो भारत में बौद्ध मत के साहित्य का अध्ययन करने व बौद्ध तीर्थों की यात्रा करने के उद्देश्य से भारत में आया था । कहा जाता है कि उसके माता – पिता की मृत्यु छोटी आयु में ही हो गई थी ; इसलिए बड़ा होकर उसका मन सांसारिक कार्यों की ओर न लगा । वह …

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