Wednesday , 17 July 2019
Home / सामान्य ज्ञान / इतिहास (page 4)

इतिहास

प्राग की सन्धि

प्राग की सन्धि ( Treaty of Prague ) प्राग की सन्धि 23 अगस्त , 1866 ई० को हुई । इस के अनुसार जर्मनी का राज्य – संघ ( Confedration Germany ) भंग कर दिया गया । आस्ट्रिया का प्रभाव जर्मनी से समाप्त हो गया । वेनीशिया विक्टर इमनुएल को दे दिया गया । शैल्जविग और होल्स्टीन की डचियाँ प्रशा में …

Read More »

क्या है सिंधु जल समझौता ?

सिंधु जल संधि पानी के वितरण लिए भारत और पाकिस्तान के बीच हुई एक संधि है. इस संधि पर कराची में 19 सितंबर, 1960 को भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के अनुसार, तीन “पूर्वी” नदियों — ब्यास, रावी और सतलुज का नियंत्रण भारत को, तथा तीन “पश्चिमी” नदियों — सिंधु, चिनाब और झेलम — का नियंत्रण पाकिस्तान को दिया गया. पाकिस्तान के नियंत्रण वाली नदियों का प्रवाह पहले भारत से होकर आता है, संधि …

Read More »

1719 से 1850 तक इटली का इतिहास

Italy history

नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा इटली के छोटे – छोटे राज्यों का अन्त कर दिया गया था । नैपोलियन के इस कार्य से वहाँ के निवासियों में राष्ट्रीयता , स्व तन्त्रता प्राप्ति आदि की भावनायें उत्पन्न हो गई थीं । अब वे देश को संगठित करने का प्रयत्न करने लगे थे । 1815 ई० में नैपोलियन महान् के पतन के पश्चात वियेना …

Read More »

शेरशाह सूरी की सफलता के कारण

शेरशाह सूरी की सफलता के कारण

इतिहास साक्षी है कि शेरशाह का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ । उसने अपनी योग्यता , लगन , उत्साह , बुद्धि और बाहुबल से ही अफगान राज्य स्थापित कर लिया था । उसने उस समय अफगान राज्य की स्थापना की जिस समय अफगानों की शक्ति का विनाश और मुगल शक्ति पांव जमा चुकी थी । शेरशाह ने मुगल राज्य …

Read More »

कालिंजर की विजय

कालिंजर विजय

यकालिंजर की विजय , 1545 ई० ( Conquest of Kalinjar ) अभी तक कालिंजर शेरशाह के अधीन नहीं था । शेरशाह चाहता था कि कालिंजर भी उसके अधीन हो जाए ; इसलिए 1545 ई० में कालिंजर के किले को घेर लिया । यह घेरा छः मास तक जारी रहा , परन्तु राजपूतों ने पराजय न मानी । अन्त में शेरशाह ने मिट्टी …

Read More »

मुलतान तथा सिंध विजय

मुलतान तथा सिंध विजय , 1543 – 44 ई० ( Conquest of Multan and Sind ) शेरशाह ने हैवत खां ( Haibat Khan ) को पंजाब का गवर्नर नियुक्त किया था जिसने मुलतान तथा सिन्ध को जीतकर शेरशाह के सुपुर्द कर दिया ।

Read More »

शेरशाह सूरी की मारवाड़ पर विजय

मारवाड़ पर विजय

मारवाड़ की विजय , 1543 – 44 ई० ( Conquest of Marwar ) मारवाड़ के राजपूत राजा मालदेव ( Maldev ) ने 1541 ई० में पराजित हुमायू को पुनः भारत विजय के लिए आमंत्रित किया था । शेरशाह ने मालदेव को हुमायू की सहायता करने से रोक दिया था । मालदेव ने फिर दोनों के भय से कोई ऐसा पग …

Read More »