Wednesday , 17 July 2019
Home / सामान्य ज्ञान / इतिहास (page 3)

इतिहास

बाबर की काबुल पर विजय

काबुल पर विजय ( The Conquest of Kabul ) बाबर ने मामूली संघर्ष के पश्चात् 1504 ई० में काबुल पर अधिकार कर लिया । प्रसिद्ध इतिहासकार लेनपूल ( Lanepoole ) के अनुसार काबुल की विजय बाबर के जीवन की प्रसिद्ध घटना है । क्योंकि काबुल – विजय के पश्चात् ही वह भारत – विजय की ओर ध्यान दे सका था …

Read More »

बाबर का समरकन्द को प्राप्त करना तथा खोना

बाबर का समरकन्द ( उज़्बेकिस्तान ) को प्राप्त करना तथा खोना ( Acquisition and loss of Samar kand ) समरकन्द पर अधिकार करने की बाबर की इच्छा बहुत प्रबल थी ; इसलिए उसने 1497 ई० में समरकन्द पर आक्रमण करके उस पर अधिकार कर लिया । यह स्थान उसके पूर्वज तैमूर की राजधानी थी , केवल सौ दिन के पश्चात् ही …

Read More »

बाबर के आक्रमण के समय आर्थिक और सामाजिक स्थिति

बाबर के आक्रमण के समय भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति : आर्थिक स्थिति ( Economic Condition ) विदेशी लुटेरों को लूट – खसूट के पश्चात् भी हमारे देश में धन – धान्य का बाहुल्य था । यहां की भूमि सोना उगलती थी । यह ठीक है कि अधिक युद्ध होने के कारण फ़सलें नष्ट हो जाती थीं , परन्तु …

Read More »

बाबर के आक्रमण के समय दक्षिण भारत

बाबर के आक्रमण के समय दक्षिणी भारत की स्थिति खानदेश ( Khandesh ) खानदेश का राज्य ताप्ती की घाटी में स्थित था और चौदहवीं शताब्दी के अन्तिम दशक में ही स्वतन्त्र हो चुका था । इसके राज्य वंश का संस्थापक मलिक राजा फारूकी ( Malik Raja Faruqi ) था । उसने शान्ति पूर्वक शासन किया और 1399 ई० में उसकी …

Read More »

बाबर के भारत आक्रमण से पहले राजनीतिक स्थिति

सोलहवीं शताब्दी के आरम्भ में जब मुग़ल नेता बाबर ने आक्रमण किया तब भारतवर्ष की राजनीतिक अवस्था ग्यारहवीं शताब्दी के भारत जैसे ही थी. जिसमें मुसलमानों ने भारत पर जोरदार आक्रमण करके इस ‘ सोने की चिड़िया ‘ को अपने पिंजरे में बन्द किया था. अन्तर केवल इतना था कि उस समय भारत छोटे – छोटे हिन्दू राजाओं का समूह था जबकि …

Read More »

बाबर के आक्रमण के समय उत्तरी भारत की दशा

बाबर के भारत आक्रमण से पहले उत्तर भारत की दशा – दिल्ली ( Delhi ) दिल्ली की पुरातन भव्यता तथा शक्ति अब नहीं रही थी । बाबर के आक्रमण के समय दिल्ली पर इब्राहीम लोधी ( Ibrahim Lodhi ) शासन करता था । अभिमानी तथा क्रोधी स्वभाव के कारण उसके बहुत से सरदार उससे रुष्ट हो गए थे । उसने …

Read More »

नैपोलियन तृतीय का व्यक्तित्व एवं कार्यों का मुल्यांकन

नैपोलियन तृतीय का व्यक्तित्व एवं कार्यों का मुल्यांकन :- नैपोलियन तृतीय के चरित्र एवं व्यक्तित्व में इतनी विभिन्नतायें हैं कि विद्वान भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सके हैं । कुछ ने उसे ” Imperial Sphinx ” कहा है और कुछ उसे एक रहस्यमय पहेली मानते हैं । उसके अवगुणों को देखकर प्रसिद्ध उपन्यासकार विक्टर ह्यूगो ( Victor Hugo ) …

Read More »