Thursday , 23 May 2019
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प्रकाश संश्लेषण

प्रकाश – संश्लेषण ( Photosynthesis ) दो शब्दों से बना है ।

Photo – light या प्रकाश

Synthesis – building up या निर्माण

इसलिए प्रकाश – संश्लेषण वह क्रिया है जिसके द्वारा पत्तों में पर्णहरिम ( Chlorophyle ) तथा प्रकाश ( light ) की उपस्थिति में सरल शक्कर का निर्माण होता है । ग्लूकोज से अन्य प्रकार के भोजन बनते हैं । इन सभी में रेडियण्ट एनर्जी ( Radient Energy ) ( सूर्य के प्रकाश ) पोटेशियल एनर्जी ( Potential Energy ) के रूप में इकट्ठी हो जाती है । यही पोटेशियल एनर्जी हमारे खाद्य पदार्थ की सामग्री है ।

कार्बन – एसीमिलेशन या प्रकाशसंश्लेषण की विधि :-

प्रकाश – संश्लेषण पौधे के हरे भाग में होती है । इसके लिए पत्तियां बहुत उपयुक्त हैं । इस क्रिया में वायु मण्डल की हवा की कार्बन – डाइआक्साइड रन्ध्रों द्वारा पत्तियों के भीतर घुसती है । वहां पहुंचते ही कार्बन – डाइआक्साइड मीजोफिल कोशिकाओं ( Mysophyll Cells ) की सतह पर मिलने वाले पानी में घुस कर विसरण ( diffusion ) द्वारा इन कोशिकाओं में घुस जाती है । इन कोशिकाओं में हजारों , लाखों क्लोरोप्लास्ट होते हैं जो पर्ण हरिम से भरे होते हैं । सूर्य के प्रकाश और पर्ण हरिम की उपस्थिति में कार्बन – डाइआक्साइड और पानी मिलकर सरल शक्कर ( ग्लुकोज ) बनाते हैं । प्रकाश – संश्लेषण की रासायनिक क्रिया बड़ी जटिल है किन्तु सरल रूप में इसे नीचे दिए गए समीकरण ( Equation ) द्वारा समझा जा सकता है ।

Photosynthesis hindi formula

Chemical Formula of Photosynthesis :-

Photosynthesis chemical formula

इस प्रकार सबसे पहले सरल शक्कर बनती है जो फिर माड़ी ( Starch ) में बदल जाती है । यह सरल शक्कर पोटेंशियल अनर्जी है । माड़ी का कुछ भाग नाइट्रोजन के साथ मिल कर प्रोटीन बनाता है । जो शरीर वृद्धि के लिए बहुत आवश्यक है ।

फूलदार पौधों के भाग

प्रकाश – संश्लेषण के लिए आवश्यक वस्तुएं :-

1 . प्रकाश – जब तक प्रकाश क्लोरोप्लास्ट में नहीं पहुंचेगा तब तक शरकरा का निर्माण नहीं होगा । अधिक प्रकाश क्लोरोप्लास्टों के लिए हानिकारक है जो प्रकाश संश्लेषण को भी प्रभावित करता है ।

2 . कार्बन – डाइआक्साइड – हवा की कार्बन – डाइआक्साइड , कार्बन का स्रोत है जो बहुत जैविक पदार्थों का निर्माण करता है । जैसे शक्कर , माड़ी ।

3 . ताप – प्रकाश – संश्लेषण के लिए अधिकतम ताप 45°C है ।

4 . पानी – पानी तथा कार्बन – डाइआक्साइड रासायनिक रूप से पत्तों में मिलते हैं और सरल – शक्कर का निर्माण करते हैं । शरकरा निर्माण के लिए पानी अत्यन्त आवश्यक है ।

5 . पर्ण हरिम – पर्ण हरिम की अनुपस्थिति में प्लास्टिड शक्तिहीन होते हैं । इसलिए पौधों में पीलापन पर्ण हरिम की अनुपस्थिति का ही कारण है ।

6 . आक्सीजन – आक्सीजन की सर्वत्र कमी में प्रकाश – संश्लेषण नहीं हो सकता ।

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